NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant Chapter 13

NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant Chapter 13 – एक तिनका (Ek tinka) – अयोध्या सिंह उपाध्याय

कविता से

1. नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को सामान्य वाक्य में बदलिए।

जैसे-

  • एक तिनका आंख में मेरी पड़ा – मेरी आंख में एक तिनका पड़ा।
  • मूंठ देने लोग कपड़े की लगे – लोग कपड़े की मूंठ देने लगे।

उत्तर:-

  • एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा – एक दिन जब मुंडेरे पर खड़ा था।
  • लाल होकर आंख भी दुखने लगी – आप भी लाल होकर दुखने लगी।
  • ऐंठ बेचारी दबे पांवों भगी – बेचारी ऐंठ दबे पांवों भगी।
  • जब किसी ढब से निकल तिनका गया – जब तिनका किसी ढब से निकल गया।

2. ‘एक तिनका’ कविता में किस घटना की चर्चा की गई है, जिससे घमंड नहीं करने का संदेश मिलता है?

उत्तर:- प्रस्तुत कविता ‘एक तिनका’ में कवि के साथ घटी एक घटना का वर्णन किया गया है। एक दिन अपने अहंकार के मद में चूर कवि अपनी छत की मुंडेर पर खड़े थे और अचानक उनकी आंख में एक छोटा-सा तिनका गिर गया, जिसके कारण वे दर्द से तिलमिला उठे। उनके आसपास के सभी लोगों की लाख कोशिशों के बाद जब तिनका निकल गया, तब कवि की समझ में उन्हें एहसास दिलाया कि वे नाहक ही अपने ऊपर घमंड कर रहे थे, एक छोटे-से तिनके ने उनका घमंड चूर-चूर कर दिया। इससे हमें यह संदेश मिलता है कि हमें कभी भी स्वयं पर घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि मनुष्य का घमंड उसे क्षणभर में राजा से रंक बना सकता है और उसके लिए घातक साबित हो सकता है। हमें किसी भी व्यक्ति या वस्तु को तुच्छ नही समझना चाहिये और सभी का आदर-सत्कार करना चाहिए।




3. आंख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की क्या दशा हुई?

उत्तर:- आंख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की बेहद ही दयनीय दशा हो गई। उसकी आंख लाल होकर दुखने लगी। वह दर्द से तिलमिला उठा और तिनके को जल्द-से-जल्द निकलवाने के लिए अपने आसपास के लोगों की मदद लेने लग गया। घमंडी इस परिस्थिति में स्वयं को असहाय और लाचार जान पड़ रहा था।

4. घमंडी की आंख से तिनका निकालने के लिए उसके आसपास लोगों ने क्या किया?

उत्तर:- घमंडी की आंख से तिनका निकालने के लिए उसके आसपास लोग‌ कपड़े की मुंठ देने लग गए व अन्य कई उपाय करने में जुट गए।

5. ‘एक तिनका’ कविता में घमंडी को उसके ‘समझ’ ने चेतावनी दी-

ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,                              
एक तिनका है बहुत तेरे लिए।
इसी प्रकार की चेतावनी कबीर ने भी दी है-
तिनका कबहुं न निंदिए, पांव तले जो होय।
कबहुं उड़ि आंखिन परै, पीर घनेरी होय।।

  • इन दोनों में क्या समानता है और क्या अंतर? लिखिए।

उत्तर:-  उपरोक्त दोनों काव्यांशों में तिनके का उदाहरण देकर घमंड न करने का संदेश दिया गया है। दोनों ही वाक्यांशों में यह बताया गया है कि मनुष्य का घमंड चूर-चूर करने के लिए एक छोटा-सा तिनका ही काफी होता है।

वहीं जहां अयोध्या सिंह उपाध्याय जी की कविता में उन्होंने स्वयं को संबोधित किया है, वहां कबीरदास जी ने दूसरों को संबोधित करते हुए कहा है कि तू किस बात का घमंड कर रहा है। कबीरदास जी ने उपरोक्त संदेश देने के लिए कम शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे दोहे का रूप दिया है; जबकि अयोध्या सिंह उपाध्याय जी ने इसे एक व्यंग्य का रूप दिया है।




NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant Chapter 13 – अनुमान और कल्पना

1. इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़नेवाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़नेवाला व्यक्ति अपनी बात कर रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई अन्य नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव आ जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लगाकर लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।

उत्तर:-

वह घमंडों में भरा ऐंठा हुआ,
एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा।
आ अचानक दूर से उड़ता हुआ,
एक तिनका आंख में उसकी पड़ा।
वह झिझक उठा, हुआ बेचैन-सा,
लाल होकर आंख भी दुखने लगी।
मूंठ देने लोग कपड़े की लगे,
ऐंठ बेचारी दबे पांवों भगी।
जब किसी ढब से निकल तिनका गया,
तब ‘समझ’ ने उसकी यों उसे ताने दिए,
ऐंठता तु किसलिए इतना रहा,
एक तिनका है बहुत तेरे।

2. नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पांवों भगी,                          
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।

  • इन पंक्तियों में ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भांति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनका अभिनय कैसा होता?

उत्तर:- यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनका अभिनय नीचे दिए अनुसार होता :
समझ को देखकर भी अनदेखा करते हुए ऐंठ अपने ही मद में चूर चली जा रही थी, तभी समझ उसे रोकती है।
समझ – और बहन! कैसी हो?
ऐंठ – अच्छे ही हूं।
समझ – इधर कहां चले जा रही हो?
ऐंठ – तुम्हें तो कोई काम धंधा है नहीं। बस दुसरों को टोकते रहा करो‌।
समझ – अरे बहन, नाराज़ क्यों हो रही हो? मैंने तो ऐसे ही पुंछ लिया था।
ऐंठ – हां-हां, ठीक है। मेरे पास तुम्हारी फिजु़ल बातों के लिए समय नहीं है।
समझ – समय का सदुपयोग करना बहुत अच्छी बात है, लेकिन बहन, स्वयं पर इतना घमंड करना अच्छी बात नहीं है।
ऐंठ – तुम मुझे ज्ञान मत दो। मैं तुमसे कई गुना ज़्यादा धनी, रूपवान, बलशाली और सफल हुं। मुझे तुम्हारे ज्ञान की आवश्यकता नहीं है।
तभी अचानक ऐंठ की आंख में एक छोटा-सा तिनका गिर गया और वह दर्द से तिलमिला उठी।
समझ – क्या हुआ बहन? अभी तो तुम बहुत बड़ी-बड़ी बातें कर रही थी।
ऐंठ – बहन मुझे क्षमा कर दो और जल्दी से मेरी मदद करो।
समझ – अच्छा रुको। मुझे कुछ उपाय सोचने दो।
बहुत जतनों के बाद समझ ऐंठ की आंख से तिनका निकालने में कामयाब हो गई।
ऐंठ – धन्यवाद बहन, आज से मैं कभी भी स्वयं पर घमंड नहीं करूंगी और सभी के साथ अच्छा व्यवहार करुंगी।




3. नीचे दी गई कबीर के पंक्तियों में तिनका शब्द का प्रयोग एक से अधिक बार किया गया है। इनके अलग-अलग अर्थों की जानकारी प्राप्त करें।

उठा बबूला प्रेम तिनका उड़ा अकास।
तिनका-तिनका हो गया, तिनका तिनके पास।

उत्तर:- प्रस्तुत पंक्तियों में कवि ने कहा है कि जिस प्रकार हवा के झोंके से छोटे-छोटे तिनके आसमान में उड़ने लगते हैं, उसी प्रकार तिनके के समान छोटे और निर्बल व्यक्ति के मन में भी अगर प्रेम का बबूला उठ जाए, तो वह व्यक्ति भी आसमान की ऊंचाइयों को छू लेता है। ईश्वर के प्रेम में लीन होकर भक्त सांसारिक मोह-माया का त्याग कर देता है, उसके मन का अहंकार, लालच, ईर्ष्या, द्वेष, आदि खत्म हो जाता है और उसका मिलन परमात्मा से हो जाता है।

NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant Chapter 13 – भाषा की बात

4. ‘किसी ढब से निकलना’ का अर्थ है किसी ढंग से निकलना। ‘ढब से’ जैसे कहीं वाक्यांशों से आप परिचित होंगे, जैसे- ‘धम से’ वाक्यांश है लेकिन ध्वनियों में समानता होने के बाद भी ढब से और धम से जैसे वाक्यांशों के प्रयोग में अंतर है। ‘धम से’, ‘छप से’ इत्यादि का प्रयोग ध्वनि द्वारा क्रिया को सूचित करने के लिए किया जाता है। नीचे कुछ ध्वनि द्वारा क्रिया को सूचित करने वाले वाक्यांश और कुछ अधूरे वाक्य दिए गए हैं। उचित वाक्यांश चुनकर वाक्यों के खाली स्थान भरिए-

(छप से, टप से, थर्र से, फुर्र से, सन् से)

(क). मेंढक पानी में…….कूद गया।

(ख). नल बंद होने के बाद पानी की एक बूंद……. चू गई।

(ग). शोर होते ही चिड़िया……..उड़ी।

(घ). ठंडी हवा……..गुज़री, मैं ठंड में….. कांप गया।

उत्तर:-

(क). मेंढक पानी में छप से कूद गया।

(ख). नल बंद होने के बाद पानी की एक बूंद टप से चू गई।

(ग). शोर होते ही चिड़िया फुर्र से उड़ी।

(घ). ठंडी हवा सन् से गुज़री, मैं ठंड में थर्र से कांप गया।

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