काल – काल के भेद

काल और काल के भेद – वर्तमान काल, भूत काल, भविष्यत काल

काल (Kaal in hindi) →  क्रिया के जिस रूप से कार्य के करने अथवा होने के समय का पता  चले, उसे काल कहते हैं |

जैसे– रेखा खाना बना रही है |
→   वेदांत ने कल चित्र बनाया था |
→   मोहन अपना गृहकार्य करेगा |




काल के भेद ( Kaal ke bhed )

वर्तमान काल( Vartamaan Kaal )

→ क्रिया के जिस रूप से यह बोध हो कि कार्य अभी हो रहा है, उसे वर्तमान  काल कहते हैं |

जैसे – सीता खाना खा रही है |
→   शोभा सफाई कर रही है |
→   माली पौधों को पानी दे रहा है |

भूतकाल( Bhoot Kaal )

 क्रिया के जिस रूप से कार्य के पूरा हो चुकने का पता चले, उसे   भूतकाल कहते हैं |

जैसे-
नेता जी ने कल झंडा फहराया था |
राधा कल स्कूल गई थी |
माँ ने कल लड्डू बनाये थे |

भविष्यत काल ( Bhavishit Kaal )

– क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि कार्य का होना अभी बाकी है,  उसे भविष्यत काल कहते हैं |

जैसे

1. किसान खेत में हल चलाएगा |
2. सुबह होने तक मामा जी आ जाएँगे |




भूत काल के भेद ( Bhoot kaal ke bhed )

  1. सामान्य भूतकाल
  2. आसन्न भूतकाल
  3. पूर्ण भूतकाल
  4. अपूर्ण भूतकाल
  5. संदिग्ध भूतकाल
  6. हेतु-हेतुमद भूतकाल

सामान्य भूतकाल

→  क्रिया के जिस रूप से उसके भूतकाल में सामान्य रूप से होने का  बोध हो उसे सामान्य भूतकाल कहते हैं |

मनीषा ने पुस्तक पढ़ी |
राम ने खाना खाया |

आसन्न भूतकाल

→ आसन्न का अर्थ है – निकट
→   क्रिया के जिस रूप से क्रिया का अभी कुछ ही देर में समाप्त होने का  बोध हो, उसे आसन्न भूतकाल कहते हैं |
→   फल वाला आया है |
→    रवि अभी विद्यालय गया है |
→    रवि ने आज ही क्रिकेट मैच देखा |

पूर्ण भूतकाल

→  क्रिया के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि क्रिया बहुत पहले ही पूरी हो  चुकी है, वहाँ पूर्ण भूतकाल होता है |

जैसे
वरुण ने कहानी लिखी थी |
राम ने खाना बनाया था |
हम घूमने गए थे |

अपूर्ण भूतकाल

→  क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि क्रिया भूतकाल में हो रही थी और अभी समाप्त नहीं हुई है, वहाँ अपूर्ण भूतकाल होता है |

जैसे –  वर्षा हो रही थी |
सौरभ खेल रहा था |
राधा गीत गा रही थी |

संदिग्ध भूतकाल

→  जहाँ भूतकाल में क्रिया के समाप्त होने में संदेह हो, वहाँ संदिग्ध भूतकाल होता है |

जैसे –  वर्षा हो चुकी होगी |
पिताजी दफ्तर से लौट आए होंगे |
दादी ने कहानी सुनाई होगी |

हेतु-हेतुमद भूतकाल →

→      यदि तुम परिश्रम करते तो फेल न होते |
→      यदि गाडी धीरे चलती तो दुर्घटना नहीं होती |
→      जहाँ क्रिया एक-दूसरे पर निर्भर होती है, वहाँ हेतु-हेतुमद भूतकाल होता है |




वर्तमान काल के भेद ( Vartamaan Kaal k bhed )

सामान्य वर्तमान काल →

→    जिस क्रिया से उसके वर्तमान समय में सामान्य रूप से होने का बोध   होता है, उसे सामान्य वर्तमान काल कहते है |

जैसे– अर्पित पढ़ता है |
वह खाना खाता है |
राधा नृत्य करती है |
नेहा बहुत बोलती है |

अपूर्ण वर्तमान काल

क्रिया के जिस रूप से उसका वर्तमान काल में कार्य निरंतर प्रकट होता है, उसे अपूर्ण वर्तमान काल कहते हैं |

जैसे– पक्षी चहचहा रहे हैं |
बच्चे शोर कर रहे हैं |

संदिग्ध वर्तमान काल

→  क्रिया के जिस रूप से उसके वर्तमान काल में पूर्ण होने में संदेह हो उसे संदिग्ध वर्तमान काल कहते हैं |

जैसे
क्रिकेट का मैच चल रहा होगा |
वह सो रही होगी |




भविष्यत काल के भेद ( Bhavishit Kaal k bhed )

 सामान्य भविष्यत काल →

→  क्रिया के जिस रूप से उसके आनेवाले समय में सामान्य रूप से होने का   बोध हो उसे सामान्य भविष्यत काल कहते हैं |
→   प्रताप कल दिल्ली जाएँगा |
→   कल विद्यालय बंद रहेगा |

संभाव्य भविष्यत काल→

→ क्रिया के जिस रूप से उसके भविष्य में होने की संभावना का बोध हो,  उसे संभाव्य भविष्यत् काल कहते हैं |
→   शायद कल दादा जी घूमने जाएँ |
→   कदाचित, मोहन कल यहाँ आए |

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