Vartani

वर्तनी (Vartani) – शब्दों में प्रयुक्त वर्णों की क्रमिकता को वर्तनी कहते है |
जैसे = शरबत.   “लड़कियाँ”
=    लकिड़याँ, किलडयाँ




वर्तनी ( Vartani )

 

वर्तनी की अशुद्धियों के कारण ( Vartani ki Ashudhiyo k karn )

  1. शब्दों का अशुद्ध उच्चारण करना
  2. अशुद्ध वर्तनी का निरंतर प्रयोग
  3. व्याकरण के नियमों का पर्याप्त ज्ञान न होना
  4. शुद्ध भाषा लिखने का अभ्यास न होना |
  5. अन्य भाषाओं के माध्यम से शिक्षा ग्रहण करते हुए केवल एक विषय के रूप में हिंदी भाषा का अध्ययन करना |
  6. अहिंदी भाषी होने के कारण सामान्य जीवन में हिंदी का प्रयोग न करना |

वर्तनी की अशुद्धियों के रूप

  1. स्वरों के प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ
  2. अनुस्वार – अनुनासिक संबंधी अशुद्धियाँ
  3. व्यंजनों के प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ
  4. लेखन और वर्तनी के अज्ञान संबंधी अशुद्धियाँ
  5. क्षेत्रीय बोली के प्रभाव से प्रभावित अशुद्धियाँ
  6. भाषा के अमानक प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ




स्वरों के प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्ध – शुद्ध
अवाज – आवाज
कवीता – कविता
बारात – बरात

व्यंजनों के प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्ध – शुद्ध
ब्रत – व्रत
बाल्मीकि – वाल्मीकि
इखट्ठा – इकट्ठा

लेखन और वर्तनी के अज्ञान संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्ध – शुद्ध
प्रात – प्रात:
पत्नि – पत्नी
इंसान – इनसान
अभीमान – अभिमान

क्षेत्रीय बोली के प्रभाव से प्रभावित अशुद्धियाँ

अशुद्ध – शुद्ध
रामचंदर – रामचंद्र
रविंदर – रवींद्र
मित्तर – मित्र

भाषा के अमानक प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्ध – शुद्ध
इसटेशन – स्टेशन
सकूल – स्कूल
कृतघन – कृतघ्न




Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on email

Leave a Comment