Vachan or Vachan ke Prakar

Vachan or Vachan ke Prakar – Video Explanation

वचन (Vachan) →  जिस संज्ञा शब्द से किसी वस्तु या प्राणी के एक या अनेक होने का बोध हो, उसे वचन कहते हैं |

(1)  बच्चा रो रहा है |
बच्चे रो रहे हैं |

(2)  लड़का खेल रहा है |
लड़के खेल रहे हैं |




वचन के प्रकार ( Vachan ke Prakar )

(1)  एकवचन ( Ekvachan )
(2)  बहुवचन ( Bahuvachan )

(1) एकवचन ( Ek vachan )

जैसे – लड़का फुटबॉल खेल रहा है |
लड़की नृत्य कर रही है |
बकरी घास चर रही है |

(2) बहुवचन ( Bahu vachan )

जैसे – लड़के पतंगें उड़ा रहे हैं |
लड़के जूते साफ कर रहे हैं |

वचन की पहचान

  1. संज्ञा या सर्वनाम शब्द से
  2.  क्रिया द्वारा

संज्ञा या सर्वनाम शब्द से →

जैसे  →
नदी बहती है | (एकवचन)
नदियाँ बहती हैं | (बहुवचन)
मैंने खाना खा लिया | (एकवचन)
हम सब ने खाना खाया | (बहुवचन)





क्रिया द्वारा →

जैसे  →
पक्षी उड़ रहा है | (एकवचन)
पक्षी उड़ रहे हैं |  (बहुवचन)
मोर नाच रहा है | (एकवचन)
मोर नाच रहे हैं | (बहुवचन)

एकवचन से बहुवचन बनाने के नियम→

व्यक्तिवाचक तथा भाववाचक संज्ञाएँ एकवचन में होती है |
→   सुरेश जयपुर आ रहा है |
→   मानवता मानव का सबसे बड़ा गुण है |
→ गीता पढ़ रही है |

कुछ शब्द हमेशा बहुवचन में ही प्रयुक्त होते हैं –

जैसेसमाचार, प्राण, होश, हस्ताक्षर, आँसू, दर्शन, बाल, आदि |
दर्शन = तुम्हारे दर्शन भी दुर्लभ हो गए हैं |
हस्ताक्षर → मैंने  हस्ताक्षर कर दिए |
बाल → इस तेल के प्रयोग से बाल घने हो जाएँगे |

कुछ शब्द हमेशा एकवचन में ही प्रयुक्त होते हैं –

जैसे- वर्षा, आकाश, सत्य, घी, दूध, मक्खन, जनता, सहायता, पानी आदि
जनता → देश की जनता पढ़ी – लिखी है |
पानी → बरसात के कारण चारो ओर पानी भर गया |
घी → दीदी ने दो किलो घी खरीदा |

सम्मान या आदर देने के लिए हमेशा बहुवचन का प्रयोग करते है –
जैसे
→ नरेन्द्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं |
→   पिताजी खाना खा रहे हैं |





धातुवाचक संज्ञाएँ हमेशा एकवचन में ही रहती हैं –

जैसे
सोना महँगा है |
चाँदी सस्ती है |

वचन परिवर्तन के नियम (Vachan Parivartan ke niyam)

“आ” को “ए” में बदल कर –

जैसे→

“आकारांत ” शब्द के अंत में “ एँ ” लगाने से

जैसे→

“ई” को “इयाँ” में बदल कर

जैसे→





अंत में “ओ” लगाने से

जैसे→

वचन परिवर्तन के नियम

(1)  ” या” को “याँ” में बदल कर →


(2) एकवचन शब्दों के अंत में जन, वर्ग, मंडल, गण, वृंद, दल, लोग आदि शब्द जोड़ कर |

(3)  “अ” को “एँ” में बदलकर

इकारांत स्त्रीलिंग शब्दों के अंत में “याँ” जोड़कर




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