Hindi Viram Chinh

विराम चिन्ह (Hindi Viram Chinh) – भावों और विचारों को स्पष्ट करने के लिए जिन चिन्हों का प्रयोग वाक्य के बीच में या अंत में किया जाता है उन्हें विराम चिन्ह कहते हैं|

‘विराम’ का अर्थ है- “रुकना” या ठहरना
जैसे –
छोड़ो, मत मारो
छोड़ो मत, मारो




विराम चिह्न (Hindi Viram Chinh)

पूर्ण विराम (|)

वैशाली नृत्य करती है |
राहुल पढ़ता है |

प्रश्नसूचक चिह्न  ( ?  )

→  तुम्हारे पिताजी का नाम क्या है ?
→ तुम कहाँ रहते हो ?

विस्मयादिबोधक चिह्न (!)

जैसे – अरे ! तुम्हें पढ़ना भी आता है |
वाह ! ऐसा सुन्दर दृश्य पहले कभी नही देखा।

अल्प विराम ( , )

जैसे → राम, मोहन, रमेश और राहुल मेला देखने गए हैं  |

अर्ध विराम (;)

जैसे – मेला लगा था ; लोग चीजें खरीद रहे थे |




उपविराम (:)

जैसे → साम्प्रदयिकता : एक कोढ़ है ।

निर्देशक चिह्न ( ─)

जैसे – राहुल मैं विश्व का सबसे बड़ा क्रिकेटर बनना चाहता हूँ ।
“स्वतंत्रता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है”। ─ बाल गंगाधर तिलक

विवरण चिह्न  ( :- )

जैसे – संज्ञा के भेद हैं :-
व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक आदि ।

योजक चिह्न (-)

जैसे- मातापिता, सुखदुख, रातदिन
श्रवणकुमार सा पुत्र मिलना मुश्किल है।
सीतासी बुद्धिमती स्त्री ही इतना महान कार्य कर सकती है।

संक्षेपसूचक या लाघव चिह्न (०)

जैसे –  पंडित = पं0
डाँक्टर = डाँ0
→ विश्व हिंदू परिषद -वि0 हि00

उद्धरण चिह्न (” “)

→   महात्मा गाँधी जी ने कहाँ, सदा सत्य बोलो
→   नेता जी ने कहाँ तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा

कोष्ठक : (), {}, []

जैसे – पिताजी (चिल्लाते हुए ) – “निकल जाओ यहाँ से |”
→ मनुष्य स्वभावतः जिज्ञासु (जानने की इच्छा रखनेवाला ) होता है |

त्रुटिपूरक चिह्न या हंसपद चिह्न (^)




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