Shudh Vartani

शुद्ध वर्तनी ( Shudh Vartani )

(1) अनावश्यक स्वर प्रयुक्त हो जाने कारण

अशुद्ध वर्तनी – शुद्ध वर्तनी
द्वारिका – द्वारका
वापिस – वापस
अभ्यार्थी – अभ्यर्थी
आधीन – अधीन




(2)  मात्रा प्रयोग→

अशुद्ध – शुद्ध
गोरव – गौरव
तियालीय – तैंतालीस
गितांजली – गीतांजली
उर्जा – ऊर्जा
पुरूस्कार – पुरस्कार

(3)  स्वर या व्यंजन का लोप हो जाने पर

(1)  स्वर का लोप

अशुद्ध – शुद्ध
आजीवका – आजिविका
जमाता – जामाता
स्वस्थ्य – स्वास्थ्य

(2) व्यंजन का लोप

अशुद्ध – शुद्ध
अनुछेद – अनुच्छेद
स्वालंबन – स्वावलंबन
उपलक्ष – उपलक्ष्य
धातव्य – ध्यातव्य 

वर्ण व्यतिक्रम

अशुद्ध – शुद्ध
अथिति – अतिथि
प्रसंशा – प्रशंसा
मतबल – मतलब
अलम – अमल




वर्ण परिवर्तन

अशुद्ध – शुद्ध
बतक – बतख
दस्तकत – दस्तखत
जुखाम – जुकाम
खंबा – खंभा
कनिष्ट – कनिष्ठ
रामायन – रामायण

पंचम वर्ण / अनुस्वार / अनुनासिकता (चंद्र बिंदु) का प्रयोग-

अशुद्ध – शुद्ध
हंसमुख – हँसमुख
अँधा – अंधा
अँकुर – अंकुर
दांत – दाँत
कांप – काँप

रेफ व ‘र’ के अशुद्ध प्रयोग

अशुद्ध – शुद्ध
दशर्न – दर्शन
अथार्त – अर्थात
पुर्नजन्म – पुनर्जन्म
आर्शीवाद – आशीर्वाद

‘र’ के स्थान पर ‘ऋ’ के प्रयोग के कारण

अशुद्ध – शुद्ध
बृज – ब्रज
बृटिश – ब्रिटिश

संधि संबंधि-

अशुद्ध – शुद्ध
कविद्र – कवींद्र
गत्यावरोध – गत्थवरोध
अभ्यांतर – अभ्यंतर
रबिंद्र – रवींद्र
(रवि + इंद्र = रवींद्र)

प्रत्यय संबंधी

संस्कृत के जिन शब्दों के अंत में ‘अ’, इ, य, एय, अयन, आयन तथा ‘इक’ प्रत्यय लगते है उनके प्रारंभिक स्वर में इस प्रकार परिवर्तन होते है –
अ → आ, इ, ई, ए = ऐ, उ, ऊ, ओ = औ

सौन्दर्यता (अशुद्ध)

सुन्दर + या = सौन्दर्य (शुद्ध)
इतिहासिक (अशुद्ध)
इतिहास + इक = ऐतिहासिक (शुद्ध)
(अशुद्ध) = प्रमाणिक
(1)  प्रमाण + इक = प्रामाणिक (शुद्ध)
(2)  (अशुद्ध) = क्रोधित = क्रोध + इत = क्रुद्.ध) (शुद्ध)
= अभिशापित (अशुद्ध)
अभिशाप + इत
शुद्ध = अभिशप्त




लिंग संबंधी अशुद्धि→

जैसे – कमल से = कमलनी (अशुद्ध)
 कमल + इनी = कमलिनी (शुद्ध)
सरोजनी = (अशुद्ध)
सरोज + इनी = सरोजिनी
→   कवियित्री (अशुद्ध)
कवयित्री (शुद्ध)
विदुषि = (अशुद्ध)
विदुषी = (शुद्ध)

वचन संबंधी अशुद्धियाँ→

अशुद्ध – शुद्ध
दवाईयाँ – दवाइयाँ
विद्यार्थीगण – विद्यार्थिगण
प्राणीवृन्द – प्राणिवृन्द
खेतीहर – खेतिहर

वर्तनी के मानक रूप की अशुद्धियाँ→

अमानक – मानक
विधा – विद्या
संयुकत – संयुक्त
बुद्धि – बुद्.धि
चाहिये – चाहिए
ठण्डा – ठंडा
कीजिये – कीजिए
दाइत्व – दायित्व
सन्ध्या – संध्या
सम्पादक – संपादक
स्वर प्रयुक्त, मात्रा प्रयोग, स्वर, व्यंजन का लोप, वर्ण व्यक्तिक्रम, वर्ण परिवर्तन




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