Sambandh bodhak Avyay

Sambandh bodhak Avyay – वे अव्यय शब्द, जो किसी संज्ञा या सर्वनाम शब्द के साथ लगकर उसका सम्बन्ध वाक्य में प्रयुक्त अन्य शब्द से बताते हैं, उन्हें संबंध बोधक अव्यय कहते हैं |
जैसे→ दूध के बिना बच्चा नहीं रह सकता |
→ गोलू दादा जी के साथ घूमने जाता है |




प्रकार : संबंध बोधक अव्यय (Sambandh bodhak Avyay) निम्न 10 प्रकार के होते हैं –
(i) काल वाचक : पहले, पीछे उपरान्त, आगे |
(ii) स्थानवाचक : सामने, भीतर, निकट, यहाँ |
जैसे – मेरे घर के सामने बगीचा है |
(iii)  दिशावाचक : आसपास, ओर, पार, तरफ |
जैसे – रेखा की ओर आँख उठाकर भी मत देखना |
(iv)  समतावाचक : भाँति, समान, तुल्य, योग |
(v)  साधनवाचक : द्वारा, सहारे, माध्यम |
(vi)  विषयवाचक : विषय, भरोसे, बाबत, नाम |
(vii) विरुद्धवाचक : विपरीत, विरुद्ध, खिलाप, उलटे |
(viii) संग वाचक : साथ, संग, सहचर |
(ix)  हेतु वाचक : सिवा, लिए, कारण, वास्ते |
(x)   तुलनावाचक : अपेक्षा, आगे, सामने |




पहले मुझसे पहले पिता ने भोजन कर लिया है | कालवाचक
द्वारा राम के द्वारा रावण मारा गया | – साधनवाचक
समान कृष्ण के समान कोई दूसरे देवता नहीं हैं |
तुल्य आप तो देव तुल्य व्यक्ति हो | समतावाचक
तक  वह चार दिन तक मर साथ रहा |
कारण सीता के कारण राम ने रावण को मारा | (हेतुवाचक संबंधबोधक)

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