वाच्य परिवर्तन

वाच्य परिवर्तन ( Vachya Parivartan )

कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में वाच्य परिवर्तन

कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में वाच्य परिवर्तन (Vachya Parivartan) के लिए निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए-

● कर्तृवाच्य के कर्ता के साथ यदि कोई विभक्ति लगी हो, तो उसे हटाकर ‘के’ अथवा ‘के द्वारा’ परसर्ग का प्रयोग किया जाता है।
● कर्म के साथ कोई परसर्ग हो तो उसे हटा दिया जाता है।
● कर्तृवाच्य की मुख्य क्रिया को सामान्य भूतकाल में परिवर्तित किया जाता है।
● परिवर्तित क्रिया के साथ ‘जाना’ क्रिया का काल, पुरुष, वचन और लिंग के अनुसार जो रूप हो, उसे जोड़कर साधारण क्रिया को संयुक्त क्रिया में बदला जाता है।




कुछ उदाहरण-

कर्तृवाच्य से भाववाच्य में वाच्य परिवर्तन

कर्तृवाच्य से भाववाच्य में वाच्य परिवर्तन के लिए निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए-

● कर्ता के साथ ‘से’ विभक्ति चिह्न लगा दिया जाता है।
● क्रिया को सामान्य भूत काल में लाकर उसक साथ काल के अनुसार ‘जाना’ क्रिया रूप जोड़ा जाता है।
● क्रिया को एकवचन, पुल्लिंग और अन्य पुरुष में परिवर्तित कर दिया जाता है।
● आवश्यकतानुसार निबंध सूचक ‘नहीं‘ का प्रयोग होता है।

कुछ उदाहरण-




कर्मवाच्य/भाववाच्य से कर्तृवाच्य में वाच्य परिवर्तन

कर्तृवाच्य में कर्ता की प्रधानता होती है जबकि कर्मवाच्य में कर्म की अतः कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य बनाते समय पुनः कर्ता के अनुसार क्रिया प्रयुक्त कर देंगे।

जैसे –
1. उसके द्वारा पत्र लिखा जाएगा।
1. वह पत्र लिखेगा।

2. बच्चों द्वारा चित्र बनाए गए।
2. बच्चों ने चित्र बनाए।

3. गधे द्वारा बोझा ढोया गया।
3. गधे ने बोझा ढोया।




Hindi Vyakaran Class 10

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9 thoughts on “वाच्य परिवर्तन”

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