Sahayak kriya or Mukhya kriya

Sahayak kriya or Mukhya kriya Video Explanation

मुख्य क्रिया (Mukhya kriya)

कर्ता या कर्म के मुख्य कार्यों को व्यक्त करने वाली क्रिया ‘मुख्य क्रिया’ कहलाती है।

जैसे → 1. रमा आम लाई।
2. सोहन ने दुकान खोली।

उपर्युक्त वाक्यों में ‘लाई’ और ‘खोली’ शब्द ही ‘कर्ता’ या ‘कर्म’ के मुख्य कार्यों को व्यक्त कर रहे हैं, अतः ये मुख्य क्रियाएँ हैं।




सहायक क्रिया (Sahayak kriya)

सहायक क्रिया उसे कहते हैं जो क्रिया पदबंध में मुख्य अर्थ न देकर उसकी सहायक हो अर्थात् मुख्य क्रिया के अतिरिक्त जो अंश बचता है, उसे सहायक क्रिया कहते हैं।

जैसे →
1. पिताजी अख़बार पढ चुके हैं।
2. माता जी खाना बनाने लगीं।

उपर्युक्त वाक्यों में मुख्य क्रिया ‘पढ़’ तथा ‘बनाने’ के साथ ‘चुकी’ और ‘लगीं’ सहायक क्रियाएँ जुड़ी हैं।

विशेष → क्रिया – पदबंध की रचना दो प्रकार के अंशों से मिलकर होती है।
→ क्रिया का एक अंश जो मुख्य अर्थ प्रदान करता है, उसे मुख्य क्रिया कहते हैं।
→ मुख्य क्रिया के अलावा जो भी अंश शेष रह जाता है, उसे सहायक क्रिया कहते है।
→  प्रायः मुख्य क्रिया पहले आती है और सहायक क्रियाएँ बाद में आती हैं।

जैसे → लड़के क्रिकेट खेल चुके हैं।
खेल → मुख्य क्रिया
चुके हैं → सहायक क्रिया

मुख्य तथा सहायक क्रियाओ के कुछ अन्य उदाहरण (Mukhya kriya tha Sahayak kriya k kuch udharan)

निम्नलिखित वाक्य में से मुख्य क्रिया(Mukhya Kriya) छांटिए |

Q.1) राधा दौड़ रही है |
a) दौड़

b) रही है
c) दौड़ रही

Q.2) मोहन क्रिकेट खेल चुका है |
a) खेल चुका
b) चुका है
c) खेल




निम्नलिखित वाक्य में से सहायक क्रिया (Sahayak Kriya) छांटकर लिखिए|

Q.1) पिताजी अखबार पढ़ चुके हैं |
a) पढ़
b) चुके
c) चुके हैं
d) पढ़ चुके

Q.2) माता जी खाना बनाने लगी
a) बनाने
b) लगी
c) बनाने लगी
d) उपरोक्त सभी

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1 thought on “Sahayak kriya or Mukhya kriya”

  1. Nice but the main thing is that “what is the difference between sahayak and sanyukt kriya” you know it is so confusing.

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