Prurvakalik Kriya or Anukarnatmak Kriya

Prurvakalik Kriya or Anukarnatmak Kriya Video Explanation

पूर्वकालिक क्रिया (Prurvakalik Kriya)

वह क्रिया जिसका पूरा होना दूसरी क्रिया से पूर्व पाया जाता है, उसे ‘‘पूर्वकालिक क्रिया’’ कहते हैं, अर्थात् मुख्य क्रिया से पहले होने वाली क्रिया ‘‘पूर्वकालिक क्रिया’’ कहलाती है।

जैसे →
1.   गीता न सुनकर कविता लिखी।
इस वाक्य में ‘लिखी’ से पहले ‘सुनकर’ क्रिया का प्रयोग हुआ है। अतः ये पूर्वकालिक क्रिया है।
नोट →    पूर्व आने वाली क्रिया मूल धातु के साथ ‘कर’ लगाकर बनती है।
जैसे –     ‘लिख्’ +  कर = लिखकर
खेल +  कर = खेलकर




अनुकरणात्मक क्रिया (Anukarnatmak Kriya)

जो  क्रिया रूप ऐसी धातुओं से बनते हैं, जो ध्वनियों के अनुकरण पर या पूर्व ध्वनि के अनुकरण पर बनती हैं। ऐसी क्रियाओं को अनुकरणात्मक क्रियाएँ कहा जाता है।

जैसे –
चीं-चीं = चिंहियाना
झन-झन = झनझनाना
थप – थप = थपथपाना




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