Vakya Sambandhi Ashudhi shodhan

वाक्य – संबंधि अशुद्धिशोधन – ( Vakya Sambandhi Ashudhi shodhan )

जैसे

मोहन ने लिखी है यह कहानी |
मोहन ने यह कहानी लिखी है |

पदक्रम – वाक्य के अभिप्राय को स्पष्ट करने के लिए वाक्य में प्रत्येक पद (शब्द) को यथोचित स्थान पर रखना पदक्रम कहलाता है |

जैसे

श्रीकृष्ण ने कंस को मारा
कंस ने श्रीकृष्ण को मारा




निपात का उचित प्रयोग

→   गोलू खीर ही खाएगा
→   गोलू ही खीर खाएगा

संज्ञा संबंधि अशुद्धियाँ

(1)  संज्ञा पदों का अनावश्यक प्रयोग
(2)  अनुप्रयुक्त संज्ञा पदों का प्रयोग

(1)  अनावश्यक प्रयोग संज्ञा पद

→   मैं मंगलवार के दिन व्रत रखता हूँ | (अशुद्ध वाक्य)
मैं मंगलवार को व्रत रखता हूँ | (शुद्ध वाक्य)
→   अब विंध्याचल पर्वत हरा – भरा हो गया | (अशुद्ध वाक्य)
अब विंध्याचल हरा – भरा हो गया |(शुद्ध वाक्य)

(2)  अनुप्रयुक्त संज्ञा पद

→   गले में गुलामी की बेड़ियाँ पड़ी रही |(अशुद्ध वाक्य)
→   पैरो में गुलामी की बेड़ियाँ पड़ी रही |(शुद्ध वाक्य)
→   दंगे में गोलियों की बाढ़ आ गई | (अशुद्ध वाक्य)
→   दंगे में गोलियों की बौछार आ गई | (शुद्ध वाक्य)

सर्वनाम संबंद्धी अशुद्धियाँ

→   मोहन और मोहन का पुत्र दिल्ली गए हैं | (अशुद्ध वाक्य)
मोहन और उसका पुत्र दिल्ली गए हैं | (शुद्ध वाक्य)
→   मेरे को कुछ याद नहीं आ रहा | (अशुद्ध वाक्य)
मुझे कुछ याद नहीं आ रहा | (शुद्ध वाक्य)




विशेषण संबंद्धी अशुद्धियाँ

→   घातक विष, सुंदर शोभा, बुरी कुवृष्टि | (अशुद्ध वाक्य)
→   विष, शोभा, कुवृष्टि | (शुद्ध वाक्य)
→   धोबिन ने अच्छी चादरें धोईं | (अशुद्ध वाक्य)
→   धोबिन ने चादरें अच्छी धोईं | (शुद्ध वाक्य)

क्रिया संबंद्धी अशुद्धियाँ

(1)  अनावश्यक क्रिया पद
(2)  आवश्यक क्रिया पद
(3)  अनुप्रयुक्त क्रिया पद

(1)  अनावश्यक क्रिया पद

→   वह यहाँ आए बिना नहीं रह सकता है | (अशुद्ध वाक्य)
→   वह यहाँ आए बिना नहीं रह सकता | (शुद्ध वाक्य)
→   यहाँ अशोभनीय वातावरण उपस्थित है | (अशुद्ध वाक्य)
→   यहाँ अशोभनीय वातावरण है | (शुद्ध वाक्य)

(2)  आवश्यक क्रिया पद

→   उसने मेरा गाना और घर देखा | (अशुद्ध वाक्य)
→   उसने मेरा गाना सुना और घर देखा | (शुद्ध वाक्य)
→   वह सिलाई और अंग्रेजी पढ़ती है | (अशुद्ध वाक्य)
→   वह सिलाई सीखती है और अंग्रेजी पढ़ती है | (शुद्ध वाक्य)




(3)  अनुप्रयुक्त क्रियापद

→   वह कमीज़ डालकर सो गया | (अशुद्ध वाक्य)
→   वह कमीज़ पहनकर सो गया | (शुद्ध वाक्य)
→   मैं माँ को खाना डालकर / देकर आईं | (अशुद्ध वाक्य)
→   मैं माँ को खाना परोसकर आईं | (शुद्ध वाक्य)

कारक संबंद्धी अशुद्धियाँ

→   वह रोज़ ऑफिस को जाता है | (अशुद्ध वाक्य)
→   वह रोज़ ऑफिस जाता है | (शुद्ध वाक्य)
→   वह बस के साथ ही यात्रा कर रहा है | (अशुद्ध वाक्य)
→   वह बस से यात्रा कर रहा है | (शुद्ध वाक्य)

लिंग संबंद्धी अशुद्धियाँ

→   बेटी पराए घर का धन होता है | (अशुद्ध वाक्य)
→   बेटी पराए घर का धन होती है | (शुद्ध वाक्य)
→   उसके दर्द हो रही है | (अशुद्ध वाक्य)
→   उसके दर्द हो रहा है | (शुद्ध वाक्य)

वचन संबंद्धी अशुद्धियाँ

→   राम की घड़ी में अभी दो बजा हैं | (अशुद्ध वाक्य)
→   राम की घड़ी में अभी दो बजे हैं | (शुद्ध वाक्य)
→   मैंने तो अपना हस्ताक्षर कर दिया | (अशुद्ध वाक्य)
→   मैंने तो अपने हस्ताक्षर कर दिए | (शुद्ध वाक्य)

क्रियाविशेषण संबंधी अशुद्धियाँ

(अशुद्ध वाक्य)       

(i) विद्यालय के दाएँ बड़ा – सा मैदान है |
(ii) भिखारी को थोड़ा चावल दे दो |
(iii) राम दिनों – दिन मेहनत करता है |





(शुद्ध वाक्य)

(i) विद्यालय की दाईं  ओर बड़ा – सा मैदान है |
(ii) भिखारी को थोड़े चावल दे दो |
(iii) राम दिनों – रात मेहनत करता है |

पदक्रम संबंधी अशुद्धियाँ

(अशुद्ध वाक्य)       

(i) मुझे एक फूलों की माला चाहिए
(ii) मुझे गर्म गाय का दूध अच्छा लगता है |

(शुद्ध वाक्य)        

(i) मुझे फूलों की एक माला चाहिए
(ii) मुझे गाय का गर्म दूध अच्छा लगता है |

पुनरुक्ति संबंधी अशुद्धियाँ

(अशुद्ध वाक्य)       

(i) कृपया मुझे दो दिन का अवकाश देने की कृपा करें |
(ii) मुंबई में देखने योग्य कई दर्शनीय स्थल हैं |

(शुद्ध वाक्य)        

(i) कृपया मुझे दो दिन का अवकाश दें | अथवा मुझे दो दिन का अवकाश देने की कृपा करें |
(ii) मुंबई कई दर्शनीय स्थल हैं |

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