वचन – वचन के भेद

वचन – वचन के भेद

हिंदी व्याकरण में वचन का अर्थ होता है – संख्या
जैसे  →
लड़का फुटबॉल खेल रहा है |
लड़के फुटबॉल खेल रहे हैं |
तोता उड़ रहा है |
तोते उड़ रहे हैं |
→   शब्द के जिस रूप से उसके एक या अनेक होने का बोध हो, उसे वचन कहते हैं |




वचन के भेद ( Vachan ke bhed )

(1)  एकवचन  ( Ekvachan )
(2)  बहुवचन  ( Bahuvachan )

(1) एकवचन (वचन के भेद)

→ शब्द के जिस रूप से एक व्यक्ति, वस्तु, स्थान या एक प्राणी होने का बोध हो, उसे एकवचन कहते हैं |
जैसे  →   लड़की, पंखा, गुड़िया आदि |

(2) बहुवचन (वचन के भेद)

→ शब्द के जिस रूप से उसके एक से अधिक होने का बोध हो उसे बहुवचन कहते हैं |
जैसे  →   गुड़ियाँ, घोड़े, गाड़ियाँ, पुस्तकें, रोटियाँ |




वचन की पहचान

1. संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण शब्दों के प्रयोग द्वारा
2. क्रिया शब्दों के प्रयोग द्वारा

संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण शब्दों के प्रयोग द्वारा →

जैसे  →

  1.  दादी जी ने पुस्तक खरीदी
    दादी जी ने पुस्तकें खरीदी
  2. वेदांत ने केला खाया |
    वेदांत ने केले खाए |
  3. मैं खेल रहा हूँ |
    हम खेल रहे हैं |
  4. नीला फूल सुंदर है |
    नीले फूल सुंदर है |




क्रिया शब्दों से वचन की पहचान –

जैसे  → लेखक, डाकू, नौकर, मुनि, हानि, छात्र, विद्यार्थी आदि |

1. डाकू पकड़ा गया |
डाकू पकड़े गए |

2. छात्र पढ़ाई कर रहा है |
छात्र पढ़ाई कर रहे हैं |

3. नौकर सफाई कर रहा है |
नौकर सफाई कर रहे हैं |

वचन संबंधी कुछ ध्यान देने योग्य बातें

सदा एकवचन रहने वाले शब्द →

जैसे  → जनता, आग, वर्षा, पानी, दूध, सोना, लोहा, आसमान, वर्षा, सत्य अहिंसा परोपकार

जैसे  →  उसके घर में आग लग गई |
पानी गरम हो गया है |
जनता विद्रोह कर रही है |
आसमान खुल गया है |

सदा बहुवचन रहने वाले शब्द

जैसे → हस्ताक्षर, प्राण, बाल, आँसू, दर्शन, लोग, होश

जैसे  → मैंने भगवान के दर्शन किए |
उस व्यक्ति के प्राण निकल गए |
राधा ने बाल कटवाए |
कठिन प्रश्नपत्र देखकर रेखा के होश उड़ गए |




समूहवाचक संज्ञाओं का प्रयोग सदा एकवचन में

जैसे → भीड़, कक्षा, सभा, समिति, गुच्छा, समाज आदि |
1. हमारी कक्षा भी प्रतियोगिता में भाग ले रही है |
2. सड़क पर लोग की भीड़ लगी हुई है |

द्रव्यवाचक संज्ञाओं के लिए सदा एकवचन का प्रयोग →

जैसे → तेल, घी, सोना, चाँदी, पानी, दूध आदि |

जैसे → अब सोना बहुत महँगा हो गया है |
माँ ने शुद्ध घी मँगवाया है |

एकवचन के स्थान पर बहुवचन का प्रयोग

आदर – सम्मान प्रकट करने के लिए

जैसे  →

1. माताजी पूजा कर रही हैं |
2. पिताजी आराम कर रहे हैं |
3. प्रधानमंत्री भाषण दे रहे हैं |
4. प्रेमचंद एक महान लेखक थे |

अहंकार और गर्व प्रकट करने के लिए

जैसे 

1. “हमने कहा है तो करना पड़ेगा |”
(मालिक ने कहाँ)

2. “हम कल बताएँगे |”
(नेता ने कहाँ)

वचन परिवर्तन

एकवचन से बहुवचन बनाने के नियम →

आकारांत पुल्लिंग शब्दों के अंतिम “आ” को “ए” कर दिया जाता है |

जैसे  →
घोड़ा = घोड़ा + = घोड़े
मटका = मटका + = मटके

अकारांत तथा आकारांत स्त्रीलिंग शब्दों के अंतिम “अ” तथा “आ” को “एँ” कर दिया जाता है |

जैसे  →
दाल = दाल + एँ = दालें
साइकिल = साइकिल + एँ = साइकिलें
लेखिका = लेखिका + एँ = लेखिकाएँ
कविता = कविता + एँ = कविताएँ




इकारांत और ईकारांत शब्दों के अंत में याँ जोड़कर दीर्घ “ई” को हृस्व “इ” कर दिया जाता है |

जैसे  →
थाली = थाली + याँ = थालियाँ
मिठाई = मिठा + याँ = मिठाइयाँ
रीति = रीति + याँ = रीतियाँ
तिथि = तिथि + याँ = तिथियाँ

वचन परिवर्तन – एकवचन से बहुवचन बनाने के नियम

“इया” अंत वाले स्त्रीलिंग शब्दों के अंतिम “या” को “याँ” कर देते हैं |
जैसे
गुड़िया = गुड़िया + याँ = गुड़ियाँ
डिबिया = डिबिया + याँ = डिबियाँ

उकारांत, ऊकारांत और औकारांत स्त्रीलिंग शब्दों के अंत में “एँ” लगा देते हैं|
→   ऊकारांत शब्दों के “ऊ” को हृस्व “उ” कर दिया जाता है |
जैसे→
वस्तु = वस्तु + एँ = वस्तुएँ
बहू =  बहू + एँ = बहुएँ

कुछ शब्दों के अंत में जन, गण, वृंदा, वर्ग, लोग शब्द जोड़कर बहुवचन बनाना |
जैसे→
गुरु = गुरु + जन = गुरुजन
कर्मचारी = कर्मचारी + गण = कर्मचारीगण
मज़दूर = मज़दूर + वर्ग = मज़दूरवर्ग
छठा = छठा + वृंद = छठावृंद




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