Upsarg or Upsarg Ke Prakar

Upsarg or Upsarg Ke Prakar – Sanskrit ke Upsarg, Hindi Upsarg, Urdu, Sanskrit Avyay

उपसर्ग ( Upsarg ) – जो शब्दांश किसी शब्द के पहले जुड़कर नए शब्द का निर्माण करके, उनके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं |

जैसे – पुत्र   = कु + पुत्र = कुपुत्र
जय = परा + जय = पराजय




उपसर्ग के प्रकार ( Upsarg ke Prakar )

(1) संस्कृत उपसर्ग
(2) हिंदी उपसर्ग
(3) उर्दू उपसर्ग
(4) संस्कृत अव्यय

(1) संस्कृत के उपसर्ग ( Sanskrit ke Upsarg )

जैसे

उपसर्ग
“उप” =    उप + मंत्री   =  उपमंत्री
उप + हास   =  उपहास
“अप” =    अप + वचन  = अपवचन
अप + यश   = अपयश

(2) हिंदी उपसर्ग ( Hindi Upsarg )

“अध” =    अध + मरा   =  अधमरा
“अध” =    अध + खुला  =  अधखुला
‘भर’  =      भर + पेट    =  भरपेट
‘उन’  =      उन + तीस   =  उनतीस




(3) उर्दू उपसर्ग (Urdu)

‘खुश’ =    खुश + बू    =  खुशबू
‘ला’  =    ला + परवाह  =  लापरवाह
‘बद’  =    बद + नसीब  =  बदनसीब

(4) संस्कृत अव्यय ( Sanskrit Avyay )

‘स्व’  =    स्व + भाषा   =  स्वभाषा
‘अंत:’ =    अंत: + करण =  अंत:करण
‘पुनर्’ =    पुनर् + जन्म =  पुनर्जन्म

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on email

1 thought on “Upsarg or Upsarg Ke Prakar”

Leave a Comment