Sangya or Sangya ke bhed

Sangya or Sangya ke bhed – Video Explanation

संज्ञा (Sangya) – “संज्ञा” शब्द “सम् + ज्ञा” के मेल से बना है | जिसका शाब्दिक अर्थ है – “संपूर्ण ज्ञान कराने वाली” | जबकि संज्ञा शब्द का शाब्दिक अर्थ – “नाम” है |

जैसे  – वेदान्त विद्यालय से घर लौटा | उसकी प्रसन्नता का ठिकाना न था | उसे निबंध प्रतियोगिता में पुरस्कार मिला था प्रधानाचार्य ने उसे पुरस्कार दिया था |




संज्ञा के भेद (Sangya ke bhed )

(1) व्यक्तिवाचक संज्ञा ( Vyakti vachak Sangya )
(2) जातिवाचक संज्ञा (Jati vachak Sangya )
(3) भाववाचक संज्ञा ( Bhav vachak Sangya )

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (Vyakti vachak Sangya)

जिन शब्दों से किसी विशेष व्यक्ति, विशेष स्थान या विशेष वस्तु के नाम का बोध हो उन्हें व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते है |

जैसे
1. राम अयोध्या के राजा थे |
2. कुरान पवित्र ग्रन्थ है |

2. जातिवाचक संज्ञा (Jati vachak Sangya )

जिस संज्ञा शब्द से किसी प्राणी वस्तु अथवा स्थान की जाति या पूरे वर्ग का बोध हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं |

जैसे
1. लड़के खेल रहे हैं |
2. घोड़े दौड़ रहे हैं |
3. मनुष्य को समय का महत्व समझना चाहिए | 

3. भाववाचक संज्ञा ( Bhav vachak Sangya )

जिन संज्ञा शब्दों से किसी प्राणी या वस्तु की स्थिति, गुण, दोष, भाव और दशा आदि का पता चलता है, उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं |

जैसे
1. किशोरावस्था में सभी उत्साहित रहते हैं |
2. इस तालाब में गहराई अधिक है |




जातिवाचक संज्ञा के भेद

(1) समूहवाचक संज्ञा
(2) द्रव्यवाचक संज्ञा

1. समूहवाचक संज्ञा (Samuhvachak Sangya)

जैसे → चाबियों का गुच्छा कहाँ है ?
भारतीय सेना हमारी रक्षा करती है |
वहाँ कूड़े का ढेर लगा हुआ है |

→   जो संज्ञा शब्द एक ही जाति के व्यक्ति या वस्तुओं के समूह का बोध कराते हैं, उन्हें समूहवाचक संज्ञा शब्द कहते हैं |

2. द्रव्यवाचक संज्ञा (Dravyavachak Sangya)

जैसे
1. दो किलो आटा दीजिए |
2. यह हार सोने का है |
3. गाय का दूध कितने रुपए लीटर है |

→   जो संज्ञा शब्द किसी धातु द्रव्य या पदार्थ का बोध कराते हैं, उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है |

भाववाचक संज्ञा का निर्माण 

भाववाचक संज्ञा का निर्माण शब्दों के अंत में प्रत्यय लगाकर किया जाता है|

भाववाचक संज्ञा का निर्माण →

1. जातिवाचक संज्ञा से
2. सर्वनाम से
3. विशेषण से
4. क्रिया से
5. अव्यय




1.जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा

→  बच्चा = बच्चा + पन = बचपन
→  लड़का = लड़का + पन = लड़कपन
→  महात्मा = महात्मा + = महात्म्य

2. सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा

→  अपना = अपना + त्व = अपनत्व
→  अपना = अपना + पन = अपनापन
→  अहम् = अहम् + कार = अहंकार
→  निज =  निज + ता = निजता
→  निज = निज + त्व = निजत्व

3. विशेषण से भाववाचक संज्ञा

→  सुंदर =  सुंदर + ता = सुंदरता
→  सुंदर = सुंदर + = सौंदर्य
→  लाल =  लाल + इमा = लालिमा
→  चतुर =  चतुर + आई = चतुराई
→  चतुर = चतुर + ता = चतुरता

4. क्रिया से भाववाचक संज्ञा

→  लिख =  लिख + आवट = लिखावट
→  पढ़  =  पढ़  + आई = पढ़ाई

5. अव्यय से भाववाचक संज्ञा

→  धिक् =  धिक् + कार = धिक्कार
→  दूर  =  दूर + = दूरी
समीप = समीप + = सामीप्य




Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on email

3 thoughts on “Sangya or Sangya ke bhed”

  1. समझाने की शैली बहुत अच्छी है इससे बच्चे काफी लाभान्वित हो रहा है

    Reply

Leave a Comment