Ling – Ling ke bhed

Ling – Ling ke bhed – Video Explanation

लिंग ( Ling )लिंग का अर्थ है – “चिह्न”

जैसे →
अध्यापिका पढ़ा रही है |
मोहन गए रहा है |
वैशाली खाना बना रही है |
अमित कविता लिख रहा है |

→ संज्ञा शब्द के जिस रूप से उसके स्त्री या पुरुष जाति होने का बोध हो, उसे लिंग कहते हैं |




लिंग के भेद (Ling ke bhed )

  1. पुल्लिंग  ( Pulling )
  2. स्त्रीलिंग  ( Striling )

1. पुल्लिंग (Pulling – Ling ke bhed)

जो शब्द पुरुष जाति का बोध कराते है, उन्हें पुल्लिंग कहते है |

जैसे →  लड़का, शेर, बैल, अध्यापक, बंदर, भाई आदि |

2. स्त्रीलिंग (Striling – Ling ke bhed) 

जो शब्द स्त्री जाति का बोध कराते है, वे स्त्रीलिंग कहलाते हैं |

जैसे →  नौकरानी, गाय, बहन, माता, अध्यापिका आदि |

लिंग परिवर्तन  ( Ling Parivartan )

1. प्राणीवाचक संज्ञा शब्द

जैसे →

  1. छाता भीग गया |
    छतरी भीग गई |
  2. यह दीवार ऊँची है |
    पर्वत ऊँचा होता है |

2. सदा पुल्लिंग रहने वाले शब्द→

कौआ, खरगोश, भालू, गैंडा, बिच्छू, कीड़ा, खटमल, तोता, उल्लू, बाज, चीता, बछड़ा आदि |

सदा स्त्रीलिंग रहने वाले शब्द →

मक्खी, मछली, चील, गिलहरी, कोयल, छिपकली, लोमड़ी, जूँ आदि |

जैसे →   नर कौआ – मादा कौआ
नर कोयल – मादा कोयल




3. पद सूचक शब्द

जैसे →   इंदिरा गाँधी भारत की प्रधानमंत्री थी | (स्त्रीलिंग)
मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री थे | (पुल्लिंग)
नीलम सेन कंपनी की मैनेजर है | (स्त्रीलिंग)
बलवीर सिंह कंपनी के मैनेजर है | (पुल्लिंग)

4. समुदायवाचक संज्ञाएँ

पुल्लिंग समुदायवाचक संज्ञाएँ

→      लोग, परिवार, दल, समाज, वर्ग, समूह, संघ, कुटंब, गुच्छ |

स्त्रीलिंग समुदायवाचक संज्ञाएँ

→      टोली, भीड़, कक्षा, कमेटी, परिषद, सभा, समिति आदि |

पुल्लिंग की पहचान

  1. मोटी, बड़ी, तथा बेडौल वस्तुओं को व्यक्त करने वाली संज्ञाएँ पुल्लिंग होती है |

जैसे →   कूड़ा, बंडल, पर्वत, रस्सा आदि |

  1. देश, पर्वत, समुद्र, पेड़, अनाज, गृह, मास, वार, रत्न, द्रव के नाम पुल्लिंग होते हैं |

पेड़   →      अपवाद – इमली, मौलसरी
अनाज →      ज्वार, मक्की, अरहर (स्त्रीलिंग)
धातु  →      चाँदी (स्त्रीलिंग)
ग्रह   →      पृथ्वी (स्त्रीलिंग)
मास →      जनवरी, मई, जुलाई, फरवरी (स्त्रीलिंग)
द्रव   →      चाय, कॉफी, लस्सी (स्त्रीलिंग)




  1. जिन शब्दों के अंत में अक, त्व, ना, य, आपा, आव, आवा, औड़ा, पन आते है वे प्राय: पुल्लिंग होते है |

अक  →  चाल + अक = चालक
शिक्ष् + अक = शिक्षक
पन  →      पागलपन, बालकपन
ना   →      टहलना, पढ़ना

पुल्लिंग की पहचान

→      शरीर के कुछ अंग पुल्लिंग होते हैं |
→      वर्णमाला के अक्षर पुल्लिंग →  इ, ई, ऋ (स्त्रीलिंग)
→      अरबी – फ़ारसी के “खाना” शब्द से अंत होने वाले शब्द पुल्लिंग होते है –

जैसे →   दवाखाना, डाकखाना

→      अरबी – फ़ारसी के “दान” से अंत होने वाले शब्द पुल्लिंग होते है –

जैसे →   फूलदान, खानदान |

→      ’वाला’ से अंत होने वाले शब्द पुल्लिंग होते हैं |

जैसे →   दूधवाला, पानवाला

→      अंत में ‘एरा’ जुड़े होने वाले शब्द पुल्लिंग होते हैं |

जैसे →   चचेरा = चाचा + एरा
लुटेरा = लूट + एरा

→      संस्कृत के वे शब्द जिनके अंत में ‘त्र’ जुड़ा होता है, पुल्लिंग होते है |

जैसे →   नेत्र, पात्र

→      ‘आर’ से अंत होने वाले शब्द पुल्लिंग होते है |

जैसे →   लोहार = लोहा + आर




स्त्रीलिंग की पहचान

→      जिन शब्दों के अंत में आवट, आहट, इया, ता, आई, नी, इमा, आस, ई, त, री आते हैं, वे प्राय: स्त्रीलिंग होते हैं |

जैसे →

आवट
मिल + आवट = मिलावट
सजा + आवट = सजावट
ता  
पशु + ता = पशुता
एक + ता + एकता
    →
गरीबी = गरीब + ई
मजदूरी = मजदूर + ई

नोट →  पानी, मोती, घी, हाथी, आदमी, पक्षी आदि पुल्लिंग है |
त    –    रंगत, चाहत
आई  –
पढ़ + आई = पढ़ाई
लड़ + आई = लड़ाई

→      भाषा, बोली, लिपियों के नाम स्त्रीलिंग होते है |
→      नदी तथा झीलों के नाम स्त्रीलिंग होते है |
→      तिथियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं |

जैसे – पूर्णिमा, अमावस्या, प्रथमा, तीज आदि |

→      शरीर के कुछ अंग स्त्रीलिंग होते है –

जैसे – नाभि, ठोड़ी, भौं, पलक, छाती, कमर एड़ी, आँख, नाक, जीभ




स्त्रीलिंग की पहचान

  1. अरबी – फ़ारसी के वे शब्द जिनके अंत में त, श, आ, ह होता है, वे स्त्रीलिंग में हो सकते हैं –

जैसे →   = अदाल, दौल, इज्ज़
= मालि, तला साजि
= दवा, हवा, सज़ा

नोट→     इशारा, जमाना, शीशा, नशा, चेहरा, पर्दा ये शब्द पुल्लिंग है
ह = सुबह, जगह, सलाह

  1. इकारांत तथा उकारांत तत्सम संज्ञाएं स्त्रीलिंग होती हैं |

इकारांत तत्सम शब्द = जाति, अग्नि, शक्ति

नोट→ रवि, कवि, (पुल्लिंग)

उकारांत तत्सम शब्द = मृत्यु, आयु, वस्तु, वायु, ऋतु

नोट→ साधु, गुरु, (पुल्लिंग)

→      संस्कृत के आकारांत शब्द तथा संस्कृत के वे शब्द जिनके अंत में ‘अना’ लगा होता है, वे स्त्रीलिंग होते हैं |

जैसे →   आकारांत शब्द
दया, अहिंसा, विदया आदि

अंत में ‘अना’ लगा हो

वेदना = वेद + अना
भावना = भाव + अना

पुल्लिंग  से स्त्रीलिंग बनाने के नियम

  1. अंतिम ‘अ’ को ‘आ’ करके

जैसे →   सुत + आ = सुता
आदरणीय + आ = आदरणीया

  1. अंतिम ‘अ’ को ‘आ’ के स्थान पर अंत में ‘ई’ लगाकर

जैसे →   बेटा + ई = बेटी
थाल + ई = थाली




  1. अंतिम ‘आ’ के स्थान पर अंत में ‘इया’ लगाकर

जैसे →   डिब्बा + इया = डिबिया
बेटा + इया = बिटिया

  1. अंत ‘आइन’ लगाकर

जैसे →
पंडित + आइन = पंडिताइन
ठाकुर + आइन = ठकुराइन

  1. अंतिम ‘अक’ के स्थान पर अंत में ‘इका’ लगाकर’

जैसे →   नायक + इका  = नायिका
गायक + इका  = गायिका

  1. अंत में ‘आनी’, ‘आणी’ लगाकर →

जैसे →   जेठ + आनी = जेठानी
रुद्र + आणी = रुद्राणी

  1. ‘ई’ के स्थान पर “इनी” लगाकर →

जैसे →   अभिमानी + इनी
अभिमान् + इनी = अभिमानिनी

स्वामी + इनी = स्वामिनी

‘ता’ के स्थान पर “त्री” लगाकर

दाता = दा + त्री = दात्री

नेता = ने + त्री = नेत्री




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