क्रिया – क्रिया के भेद

Kriya or Kriya ke bhed in Hindi – क्रिया की परिभाषा, धातु, कर्म के आधार पर क्रिया के भेद – सकर्मक क्रिया और अकर्मक क्रिया, संरचना के आधार पर क्रिया के भेद – सामान्य क्रिया, संयुक्त क्रिया, नामधातु क्रिया, प्रेरणार्थक क्रिया, पूर्वकालिक क्रिया, कृदंत क्रिया, आज्ञार्थक क्रिया

क्रिया ( Kriya in Hindi ) →  जिस शब्द से किसी कार्य के करने या होने का बोध हो, उसे क्रिया कहते हैं |
जैसे –
लड़के खेल रहे हैं |
माँ खाना बना रही है |
पिताजी अखबार पढ़ रहे हैं |




क्रिया

धातु ( Dhatu )

– क्रिया के मूलरूप को धातु कहते हैं |
जैसे –
तुम पढ़ो |
वह पढ़ता है |
वे पढ़ेंगे |
तुमने पढ़ा |

क्रिया का सामान्य रूप

→  धातु के साथ “ना” जोड़ने से क्रिया का सामान्य रूप बनता है |
जैसे =
चल + ना = चलना
पी + ना = पीना
खा + ना = खाना
कर = करना, करता, करेगा, करो
पढ़ = पढ़नाए पढ़ता, पढ़ा, पढेगा,
लिख = लिखना, लिखता, लिखेगा, लिखा, लिखों

कर्म के आधार पर क्रिया के भेद -( Karm k adhar pr Kriya ke bhed )

1. सकर्मक क्रिया ( Sakarmak Kriya )
2. अकर्मक क्रिया ( Akarmak Kriya )

सकर्मक क्रिया ( Sakarmak Kriya )

Sakarmak Kriya
अर्थात् कर्म सहित क्रिया
→   जिस क्रिया के साथ कर्म होता है उसे सकर्मक क्रिया कहते है |




सकर्मक क्रिया की पहचान ( Sakarmak Kriya ki Pehchan )

क्रिया के साथ, क्या, या किसको, किसे, किससे शब्द लगाकर प्रश्न करने पर यदि उत्तर की प्राप्ति हो जाती है, तो क्रिया सकर्मक होती है |
जैसे → सीता ने पत्र लिखा |
प्रश्न -“क्या” लिखा ?
उत्तर =  पत्र (कर्म)
जैसे → मोहन क्रिकेट खेल रहा है |
प्रश्न -“क्या” खेल रहा है ?
उत्तर = क्रिकेट (कर्म)

अकर्मक क्रिया ( Akarmak Kriya )

Akarmak Kriya
अर्थात् कर्म रहित क्रिया
→  जिस क्रिया के साथ कर्म नहीं होता है तथा क्रिया का प्रभाव सिर्फ़ कर्ता पर पड़ता है उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं |

अकर्मक क्रिया की पहचान ( Akarmak Kriya ki Pehchan )

क्रिया के साथ, क्या, किसे, किसको, शब्द लगाकर प्रश्न करते हैं, यदि उत्तर की प्राप्ति नहीं होती तो क्रिया अकर्मक होती हैं, यदि उत्तर में “कर्ता” की  प्राप्ति होती है, तो भी क्रिया अकर्मक होती है |
जैसे → सुनीता हँसती है |
प्रश्न –क्या‘ हँसती है  ?
उत्तर =  सुनीता (कर्ता)
→  सुनील सो रहा है |
प्रश्न -‘क्या’ सो रहा है ?
उत्तर = सुनील (कर्ता)

संरचना के आधार पर क्रिया के भेद – ( Sanrachna k aadhar pr Kriya ke bhed )

(1) सामान्य क्रिया
(2) संयुक्त क्रिया
(3) नामधातु क्रिया
(4) प्रेरणार्थक क्रिया
(5) पूर्वकालिक क्रिया
(6) कृदंत क्रिया
(7) आज्ञार्थक क्रिया

सामान्य क्रिया

जब वाक्य में केवल एक क्रिया का प्रयोग होता है, तो वह सामान्य क्रिया कहलाती है|
जैसे
राम गया
तुम चलो
वेदांत पढ़ा




संयुक्त क्रिया

जब दो या दो से अधिक क्रियाएँ मिलकर किसी पूर्ण क्रिया को बनाती हैं, तब वे संयुक्त क्रियाएँ कहलाती हैं;
जैसे→ राम ने खाना खा लिया | = खा + लिया
वह खा चुका है |
खा + चुका + है

नामधातु क्रिया

संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण शब्दों से बनने वाली क्रियाओं को नामधातु क्रिया कहते हैं |
 जैसे-
सीमा बहुत बतियाती है |
मुझ पर दृश्य फिल्माया |

 

प्रेरणार्थक क्रिया

जहाँ कर्ता कार्य को स्वयं न करके, किसी दूसरे से करवाता है, वहाँ प्रेरणार्थक क्रिया होती है |
जैसे

  1.  तरुण मुनीम से पत्र लिखवाता है |
  2.   माँ नौकर से सफाई करवाती है |

प्रेरणार्थक क्रिया

  1. प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया
  2. द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया

जैसे →
अध्यापिका छात्रों को पढ़ाती है।
सीता राहुल को खाना खिलाती है।
→  इस क्रिया के साथ “आना” प्रत्यय जोड़ दिया जाता है |
पढ़   +  आना  =  पढ़ाना
डर  +  आना  =  डराना  
दौड़   +  आना  =  दौड़ाना




द्वितीय प्रेरणार्थक
जैसे – जोकर सर्कस में बंदर से करतब करवाता है |
→  माँ रेखा से भोजन बनवाती है |
→  इसमें धातु शब्दों के अंत में “वाना” प्रत्यय लगाकर द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया के शब्दों का निर्माण किया जाता है |
पढ़   +  वाना  =  पढ़वाना
डर   +  वाना  =  डरवाना   
दौड़   +  वाना  =  दौड़वाना

पूर्वकालिक क्रिया

किसी भी वाक्य में मुख्य क्रिया से पहले वाली क्रिया पूर्वकालिक क्रिया कहलाती है |
जैसे

  1. मुकेश खाना खाकर सो गया |
  2. अनिल पढ़कर खेलने लगा |

कृदंत क्रिया

शब्दों के अंत में प्रत्यय या शब्दांश जोड़कर बनाई गई क्रियाओं को कृदंत क्रिया कहते हैं
जैसे
दौड़ + ता = दौड़ता
रट + ता = रटता
जल + = जला
पढ़ + कर = पढ़कर

आज्ञार्थक क्रिया

जिस क्रिया का प्रयोग आज्ञा, अनुमति और प्रार्थना आदि के लिए किया जाता है  वह  आज्ञार्थक क्रिया कहलाती है
जैसे :
उधर जाओ |
इधर बैठो |
खड़े होकर राष्ट्रगान का सम्मान करो |




Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on email

2 thoughts on “क्रिया – क्रिया के भेद”

Leave a Comment