Arth ke aadhar pr shabd ke bhed

Arth ke aadhar pr shabd ke bhed :-

  1. पर्यायवाची शब्द ( Pryayvachi Shabd )
  2. विलोम शब्द ( Vilom Shabd )
  3. एकार्थक शब्द  ( Ekarthk Shabd )
  4. अनेकार्थी ( Anekarthak Shabd )
  5. श्रुति सम भिन्नार्थक शब्द ( Shrutismbhinarthk shabd )
  6. वाक्यांश के लिए एक शब्द ( Vyakansh k liye ek shbd )
  7. सूक्ष्म अर्थ – भेद वाले शब्द ( Sukshm arth)




Arth ke aadhar pr shabd ke bhed

पर्यायवाची शब्द

→ पर्याय का अर्थ होता है – ‘समान’
वे शब्द, जिनका अर्थ समान होता है | अर्थात् एक ही शब्द के अनेक समानार्थी शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं |
जैसे →आकाश→अम्बर, गगन, नभ, आसमान, अनंत, व्योम, अन्तरिक्ष

एकार्थी शब्द

→   वे शब्द जिनका प्रयोग एक ही अर्थ में होता है एकार्थी शब्द कहलाते हैं |
जैसे → दिन, धूप, लड़का, पहाड़ नदी |

जैसे
शब्द – अर्थ
वध – ह्त्या
अहंकार – घमंड
प्रतीक्षा – इंतजार
उत्तम – श्रेष्ठ

अनेकार्थी शब्द

जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ ग्रहण किये जाते हैं, उन्हें अनेकार्थी शब्द कहते हैं |
जैसे – आम = साधारण, सामान्य
एक फल
कनक – सोना, धतुरा, गेहूँ
कर – हाथ, शुल्क, सूँड, किरण





श्रुति सम भिन्नार्थक शब्द
जैसे
शब्द – अर्थ
अंश – भाग
अंस – कंधा
कुल – वंश
कूल – किनारा
अवधि – समय, काल
अवधी – अवध की बोली
जगत् – संसार
जगत – कुएँ का चबूतरा

कुछ शब्दों का उच्चारण लगभग एक समान होता है या सुनने में एक जैसा लगता है, परंतु उनका अर्थ व वर्तनी भिन्न होते हैं | ऐसे शब्दों को समरूप भिन्नार्थक या श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द या शब्द युग्म भी कहते हैं |

सूक्ष्म-अर्थ भेद वाले शब्द / समानार्थक प्रतीत होने भिन्नार्थक शब्द / एकार्थक प्रतीत होने वाले शब्द

ये वे शब्द होते हैं जो मोटे रूप में समान अर्थ वाले प्रतीत होते हैं, किन्तु उनमें अर्थ का इतना सूक्ष्म अंतर होता है की उन्हें अलग – अलग संदर्भ में ही प्रयुक्त करना पड़ता है –

जैसे – अस्त्र – शस्त्र |
→   जैसे → अस्त्र = फेंक कर चलाया जाने वाला हथियार
(बाण, तोप, बम)
शस्त्र = हाथ में पकड़कर चलाया जाने वाला हथियार
जैसे – लाठी, तलवार, चाकू, भाला आदि |

अमूल्य → जिसका मूल्य आंका न जा सके
बहुमूल्य → बहुत कीमती
अधिक = आवश्यकता से ज्यादा
पर्याप्त = आवश्यकतानुसार

अनेक शब्दों या शब्द समूह के लिए एक शब्द

→   वे शब्द जो किसी वाक्य, वाक्यांश या शब्द समूह के लिए एक शब्द बन कर प्रयुक्त होते हैं, उन्हें अनेक शब्दों के लिए एक शब्द या शब्द समूह के लिए प्रयुक्त एक शब्द कहते हैं |
जैसे –
→   जो कहा न जा सके – अकथनीय
जो उपकार को माने – कृतज्ञ
जो क्षमा न किया जा सके – अक्षम्य

विलोम शब्द

विलोम का साधारण अर्थ होता – उल्टा
→      वे शब्द जो एक दूसरे का विपरीत अर्थ देते हैं, उन्हें विलोम या विपरीतार्थक शब्द कहते है |
→   संज्ञा का विलोम संज्ञा में, विशेषण का विशेषण में, तत्सम का तत्सम में, तद्भव का तद्भव शब्द में ही बताना चाहिए |
→   यदि शब्द के अंत में कोई प्रत्यय आए तो उसके विलोम में भी उसी प्रत्यय का प्रयोग होता है |

शब्द – विलोम
लघु – गुरु
लघु + अ = आ – गुरु + उ = औ
लाघव – गौरव
हृस्व – दीर्घ
छोटे – बड़ा
उच्चतम – निम्नतम
उत्कर्ष – अपकर्ष
उत्तरायण – दक्षिणायन
लौकिक – अलौकिक




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