वाक्य और वाक्य के भेद

Vakya or Vakya ke bhed in Hindi Class 10 – वाक्य की परिभाषा, वाक्य के अंग – उद्देश्य, विधेय, वाक्य के भेद – अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद और रचना के आधार पर वाक्य के भेद

वाक्य की परिभाषा – शब्दों का सार्थक समूह, जो कि व्यवस्थित क्रम में हो तथा वक्ता के आश्य को स्पष्ट करता हो वाक्य कहलाता है।

जैसे
1. राधा गाना गाएगी।
2. मोहन आगरा जा रहा है।

वाक्य के अंग

1. उद्देश्य
2. विधेय

1. उद्देश्य

→ कर्ता, कर्ता का विस्तार उद्देश्य कहलाता है।

2. विधेय

कर्ता के विषय में जो कुछ कहा जाए उसे विधेय कहते है। अथवा कर्ता तथा कर्ता के विस्तार के बाद जो कुछ भी शेष रहता है, वह विधेय कहलाता है।

जैसे →

1. राम ने रावण को मारा
इस वाक्य में
राम = कर्ता
ने = कर्ता का विस्तार
रावण को मारा = विधेय

2. मेरा भाई प्रशान्त धार्मिक पुस्तकें अधिक पढ़ता है।
मेरा भाई प्रशान्त = उद्देश्य
जिसमें ‘प्रशान्त’ = कर्ता
मेरा भाई = कर्ता का विशेषण अर्थात् ‘कर्ता का विस्तार’

वाक्य के भेद ( Vakya ke bhed)

1. अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद
2. रचना के आधार पर वाक्य के भेद

अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद

अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद

अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद→

विधानवाचक वाक्य

जिस वाक्य में किसी काम का होना पाया जाता है, वह विधानवाचक वाक्य कहलाता है।
जैसे → 1.  मैं खाता हूँ। (काम का होना)
2. राधा पढ़ती है। (काम का होना)

निषेधवाचक वाक्य

जिस वाक्य में किसी बात के या किसी काम के न होने का बोध होता है वहाँ निषेधात्मक वाक्य होता है।
जैसे → 1. सड़क पर मत भागो।
2. सीता ने खाना नहीं खाया।
3. रेखा आज विद्यालय नहीं गयी।

प्रश्नवाचक वाक्य

जिस वाक्य का प्रयोग प्रश्न पूछने में किया जाए उसे प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं।
जैसे → 1. राम क्या लिख रहा है ?
2. वेदान्त क्या बना रहा है ?
3. नीतू क्या खा रही है ?

आज्ञावाचक वाक्य 

जिस वाक्य में आज्ञा, उपदेश, अनुमति का बोध हो वह आज्ञावाचक वाक्य होता है।
जैसे → 1. राम पढ़ाई करो।
2. राम नीचे बैठो।

विस्मयादिबोधक वाक्य

जिस वाक्य में ‘हर्ष’, ‘शोक’, ‘घृणा’, व ‘विस्मय’ आदि भाव प्रकट होते है वह विस्मयादिबोधक वाक्य कहलाता है।
जैसे → 1. वाह! कितना सुन्दर दृश्य है।
2. अरे! यह क्या हो गया।
3. शाबाश! क्या शतक बनाया।

इच्छावाचक वाक्य

जिस वाक्य में किसी आशीर्वाद, इच्छा, कामना का बोध हो, उसे इच्छावाचक वाक्य कहते हैं।
जैसे → 1. आपकी यात्रा मंगलमय हो।
2. ईश्वर सबका भला करें(इच्छा)

संदेह सूचक वाक्य

जिस वाक्य में किसी काम के पूरा होने में संदेह या संभावना का भाव प्रकट हो, उसे संदेहवाचक वाक्य कहते हैं।
जैसे → 1. शायद वे कल आएँ।
2. शायद पिताजी आ चुके होंगे।

संकेतार्थक वाक्य

जिस वाक्य में संकेत या शर्त हो वह संकेतार्थक वाक्य कहलाता है।
जैसे → 1. यदि वर्षा रूक गई तो स्कूल जाऊँगी।
2. वर्षा न होती तो, फसल सूख जाती।

रचना के आधार पर वाक्य के भेद 

1. सरल वाक्य
2. मिश्र वाक्य
3. संयुक्त वाक्य

सरल वाक्य

जिन वाक्यों में एक उद्देश्य तथा एक विधेय होता है, उन्हें सरल या साधारण वाक्य कहते हैं।
जैसे →

संयुक्त वाक्य

वह वाक्य जिसमें दो या दो से अधिक वाक्य या खंड स्वतंत्र रूप से समुच्चयबोधक अव्ययों द्वारा आपस में जुड़े होते हैं। उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।

जैसे → 

  1. बादल गरज रहे हैं और वर्षा हो रही है।
  2. गांधी जी भारत लौटे और उन्होंने पराधीन भारतीयों की दुर्दशा देखी।
  3. यहाँ पहले जंगल था परंतु अब घनी बस्ती है।

संयोजक/समुच्चयबोधक अव्यय शब्द → तथा, एवं, या, अथवा, और, परन्तु, लेकिन, किन्तु बल्कि, अतः, इसलिए आदि।

विशेष – 1. मुझे आज जल्दी जाना था, देर हो गई। (‘लेकिन’ का लोप)
2. वह ईमानदार ही नहीं है, परिश्रमी भी है। (‘बल्कि’ का लोप)

मिश्र वाक्य

जिन वाक्यों में एक मुख्य उपवाक्य और अन्य उपवाक्य उस पर आश्रित हो, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं |

जैसे →   

1. अध्यापिका चाहती है कि बच्चे मेहनत करें।
मुख्य उपवाक्य → अध्यापिका चाहती है
आश्रित उपवाक्य → कि बच्चे मेहनत करें।

2. राधा ऐसे खेल रही है, जैसे बच्चे खेलते हैं।
मुख्य उपवाक्य → राधा ऐसे खेल रही है।|
आश्रित उपवाक्य → जैसे बच्चे खेलते हैं।

CBSE Hindi Vyakaran Class 10 Notes

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on email

13 thoughts on “वाक्य और वाक्य के भेद”

  1. Yes this is really great explanation I m in 10th standard and my school is close because of covid 19 I’m read from this website kriya , alankar, muhavre or lokoktiya ,vakya ,vachya I m understood every concept

    Reply

Leave a Comment